India- Pakistan match - Asia Cup
कल भारत और पाकिस्तान के मैच को सबने देखा और एंजॉय किया खास कर इंडियंस फैंस ने, पाकिस्तान की बुरी हार वो भी 220 रनों से भी ज्यादा,आपको क्या लगा पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण कर दिया बात बिलकुल सही है,पाकिस्तान टीम की बॉडी लैंग्वेज कभी ऐसी लगी ही नहीं की वो जीतने के लिए मैदान पर उतरी है,वैसे भी 356 रन आसान नहीं होते हैं पर जिस तरह पाकिस्तान टीम बिखरी है उस कोई आश्चर्य बिलकुल नहीं है, आप अगर ध्यान से देखें तो टीम में क्रिकेट बेसिक की बहुत बड़ी कमी दिखी, सीधे बल्ले से बाबर और इमाम उल हक के इफ्तखार के इलेवा कोई खेलता दिखा नही, फाकर जमान में तो ऐसा लगता है उनको क्रिकेट का बेसिक ही नही पता है, ज्यादा तर टीम के खिलाड़ियों में स्किल की भारी कमी दिखी, रिजवान क्या आपको लगता है अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी ,पाकिस्तान का यही होना था ,उनकी टीम बाबर और इफ्तिखार के आस पास घूमती है, वहीं आप देखें इंडियन टीम को इस टीम की बेसिक बिलकुल ठीक है ,कोई भी खिलाड़ी 8 नंबर तक का क्रॉस बात इस्तेमाल नहीं करता है ,वहीं पाकिस्तान में क्रॉस bat का इस्तेमाल सुरु से ही देखा गया, क्वालिटी बॉलिंग के खिलाफ इसी बैटिंग एक्सपोज होने ही वाली थी, अकेले बाबर को दोष नहीं दिया दिया जा सकता है सच ये हैं की पाकिस्तान कमजोर टीम के खिलाफ खेलती आई है,इसलिए जब भी किसी अच्छी बॉलिंग लाइन अप के खिलाफ खेलेगी बिखर जायेगी, रही बात पाकिस्तान बॉलिंग की तो कोई शक नही नसीम वर्ल्ड क्लास बोलर है, उसमे हर तरह की बॉलिंग की कला है , वो किसी भी विकेट पर सफल हो सकता है, दूसरे नंबर पर शाहीन अफरीदी है, इनका ये है अगर सुरु में विकेट नही मिली तो बाद में बड़ी मार पड़ती है ,क्योंकि सुरु में स्विंग होती है इनकी गेंद, haris rauf एक अच्छा गेंद बाज है, पर कल सारे फेल हो गए, अनफिट हो गए, अब सवाल ये है की ये पूरे 10 ओवर डाल पाएंगे या नहीं, भारतीय टीम में भी अभी तक 10 ओवर्स किसी फास्ट बोलर ने नही डाले हैं, भारतीय टीम का एक कमजोर प्वाइंट है शरदौल ठाकुर, हमको लगता उनको ऑलराउंडर की तरह नही देखना चाहिए, और टीम को अगर मजबूत करना है तो मोहम्मद शमी के साथ उतरना चाहिए, बांकी भारतीय बैटिंग लाइन अप सेट है,बार ओपनिंग जोड़ी को स्टार्ट देना होगा, मिडिल ऑर्डर में इतना दम है की को 350 के ऊपर टीम को ले जा सकते हैं।