worldcup - India Pakistan
आज अफगानिस्तान के साथ मैच था पहले से ही मालूम था अफगानिस्तान एक कमजोर टीम है उससे जीतना ही था,इस वर्ल्डकप में कई बहुत कमजोर टीमें खेल रही हैं, जैसे नीदरलैंड, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान,और श्रीलंका,जो की एक बहुत ही inexperienced टीम है,श्रीलंका टीम का तो sure है वो वर्ल्डकप की रेस से बाहर है,और बांकी ये तीन टीमें भी, अब चर्चा पाकिस्तान और इंडिया मैच की हो जाए,भारत को क्या नीति बनानी चाहिए, अहमदाबाद का ग्राउंड बड़ा है,तो स्पिनर 3 भी खिलाए जा सकते हैं ,पर क्या स्पिनर वहां विकेट निकाल पाएंगे चिन्नई की तरह हमको लगता है नही,तो फिर 3 स्पिनर खिला कर हर ओवर में 6 से 7 रन देना बगैर किसी जोखिम के कहां तक की समझदारी है, हमको मैच जीतना है तो विकेट लेने होंगे, और फ्लैट विकेट पर स्पिनर दिल्ली की तरह ही निष्प्रभावी होंगे,दो तो आपको खिलाने ही होंगे पर तीसरे पर विकेट देख कर निर्णय लिया जा सकता है,एक बात और आप श्रीलंका एशिया कप और इंडिया ऑस्ट्रेलिया मैच बिलकुल अपने दिमाग से निकाल से दें,की वैसा अहमदाबाद में होगा, एक दिवसीय मैच में विकेट इतना नही टूटता की गेंद घूमने लगे, दूसरी चीज कई मौकों पर देखा गया है वो फास्ट बॉलर्स को अच्छा नहीं खेलते हैं,और स्पिनर को खेलने में उन्हें कोई खास परेशानी नहीं आती है अगर तीन स्पिनर के साथ हम उतरते हैं तो 5 से 7 रन के औसत से खेले तो उनके 30 ओवर में ही 175 रन बगैर रिस्क के खड़े कर देंगे सिंगल लेते हुए,और हर दूसरे ओवर में एक बाउंड्री तो मिल ही जायेगी,ऐसे में को आराम से 325 से ले कर 360 तक का स्कोर खड़ा कर ही देंगे, पर हम चाहते हैं उनको 300 के अंदर रोकें तो हमको 3 स्पेशलिस्ट फास्ट बॉलर्स के साथ उतरना होगा, अब आप शार्दूल ठाकुर को आप फास्ट बोलर या ऑलराउंडर में ना गिने तो अच्छा है, बेहतर है की आप मोहमद शामी को टीम में शामिल करें शार्दूल ठाकुर की जगह,और दो स्पिनर के साथ उतरें, जो भी अच्छे लगने जडेजा तो खेलेगा ही दूसरे का चुनाव पिच और अपोजिशन को देख कर करें ,और कोई ऑप्शन आपके पास है नही अगर मैं कप्तान होता तो श्रेयश अय्यर की जगह सूर्या यादव को खिलाता, क्योंकि श्रेयश अय्यर में मैच जीतने का जसबा अब तक दिखाई दिया नही, सूर्या को अगर समझा कर भेजा जाए तो भारत 400 पाकिस्तान के खिलाफ खड़ा कर सकता है बड़ी आसानी से,श्रेयश से हमको कोई खास जिताऊ पारी की उम्मीद है नही ,आपके पास सुभमान गिल है नही ऐसे में सूर्या को खिलाना एक तुरूप का इक्का साबित हो सकता है ।पाकिस्तानी गेंदबाजी सुरु के 8 ओवर के बाद बहुत कमजोर दिखती है वहां हमें तेज गति से रन चाहिए वो सूर्या दे सकता है।
Indresh